ICT मॉडल 4: HTF POI + MSS + FVG + OTE का हाई-प्रिसिजन सेटअप सीखें। कम जोखिम, हाई रिवॉर्ड ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी हिंदी में।
अगर आप सच में प्रोफेशनल लेवल की ट्रेडिंग करना चाहते हैं, जहाँ हर ट्रेड में 70-80% तक विन रेट हो और रिस्क-टू-रिवॉर्ड 1:5 से ऊपर मिले, तो ICT मॉडल 4 आपके लिए गेम-चेंजर है।
यह मॉडल कोई रैंडम स्ट्रैटेजी नहीं है। यह Inner Circle Trader (ICT) के सबसे एडवांस्ड कॉन्सेप्ट्स का परफेक्ट कॉम्बिनेशन है जो स्मार्ट मनी खुद यूज करती है:
- HTF Point of Interest (POI)
- Market Structure Shift (MSS) + Displacement
- Internal Liquidity (IDM)
- Fair Value Gap (FVG)
- Optimal Trade Entry (OTE)
जब ये सारे एलिमेंट्स एक साथ आते हैं, तो आपको मिलती है सबसे क्लीन, सबसे हाई-प्रोबेबिलिटी एंट्री जो मार्केट में उपलब्ध है।
ICT Model 4 Full Setup Overview
ICT मॉडल 4 के 7 गोल्डन स्टेप्स (स्टेप-बाय-स्टेप ब्रेकडाउन)
स्टेप 1: हाई टाइमफ्रेम POI पहचानें (HTF POI)
सबसे पहले 4H या डेली टाइमफ्रेम पर जाएँ और मजबूत POI ढूंढें:
- बुलिश ऑर्डर ब्लॉक (पिछला बेयरिश कैंडल से पहले का बुलिश कैंडल)
- बेयरिश ऑर्डर ब्लॉक
- पुराना FVG जो अभी तक भरा नहीं है
- मेजर लिक्विडिटी पूल (Equal Highs/Lows)
यह वह जगह है जहाँ स्मार्ट मनी अपना पोजीशन बिल्ड करती है।
HTF POI Marking Example
स्टेप 2: लिक्विडिटी ग्रैब का इंतजार करें
HTF POI की तरफ आते हुए कीमत को लिक्विडिटी स्वीप करते देखें:
- बुलिश सेटअप → कीमत पहले हाल के लो के नीचे जाएगी (लॉन्ग्स के स्टॉप हंट)
- बेयरिश सेटअप → कीमत पहले हाल के हाई के ऊपर जाएगी (शॉर्ट्स के स्टॉप हंट)
यह "इंड्यूसमेंट" है। यहीं रिटेल ट्रेडर्स फंसते हैं और स्मार्ट मनी अपना पोजीशन लेती है।
स्टेप 3: डिस्प्लेसमेंट के साथ MSS की पुष्टि
लिक्विडिटी स्वीप के बाद तुरंत मजबूत डिस्प्लेसमेंट (बड़ी ग्रीन/रेड कैंडल) के साथ MSS होना चाहिए:
- बुलिश MSS → कीमत पिछले लोअर हाई को ब्रेक करे
- बेयरिश MSS → कीमत पिछले हाइयर लो को ब्रेक करे
यह कन्फर्मेशन है कि अब ट्रेंड सच में बदल चुका है।
MSS + Displacement Example
स्टेप 4: इंटरनल लिक्विडिटी (IDM) ढूंढें
नई दिशा में जाते हुए कीमत अक्सर इंटरनल लिक्विडिटी की तरफ रिट्रेस करती है:
- Equal Highs / Equal Lows
- छोटे-छोटे कंसोलिडेशन
- मिनी FVG या ब्रेकर ब्लॉक
यहाँ रिटेल ट्रेडर्स फिर से गलत दिशा में ट्रेड करते हैं और स्मार्ट मनी उन्हें लिक्विडिटी के रूप में यूज करती है।
स्टेप 5: फेयर वैल्यू गैप (FVG) की पहचान
MSS के बाद जो पहली बड़ी डिस्प्लेसमेंट कैंडल बनेगी, उसके बीच में बने 3-कैंडल FVG को मार्क करें। सबसे बेस्ट FVG वह होता है जो:
- HTF POI के साथ ओवरलैप करता हो
- IDM ज़ोन में हो
- 62%-79% OTE ज़ोन में हो
Perfect FVG in ICT Model 4
स्टेप 6: ऑप्टिमल ट्रेड एंट्री (OTE) 62%-79%
अब डिस्प्लेसमेंट लेग (MSS के बाद की बड़ी मूव) पर फिबोनाची टूल लगाएँ:
- 0% = MSS के बाद का लो (बुलिश केस में)
- 100% = MSS से पहले का हाई
62% से 79% का ज़ोन ही आपका OTE है। सबसे परफेक्ट एंट्री तब मिलती है जब: OTE + FVG + IDM → तीनों एक ही जगह पर ओवरलैप करें
स्टेप 7: रिस्क मैनेजमेंट और टारगेट
- एंट्री: OTE ज़ोन में लिमिट ऑर्डर
- स्टॉप लॉस: लिक्विडिटी स्वीप के लो/हाई से 5-10 पिप्स नीचे/ऊपर
- टारगेट 1: अगला HTF POI या FVG
- टारगेट 2: एक्सटर्नल लिक्विडिटी (Equal Highs/Lows)
रिस्क-टू-रिवॉर्ड हमेशा 1:3 से 1:10 तक रखें।
Complete ICT Model 4 Trade Example
निष्कर्ष: ICT मॉडल 4 क्यों है बेस्ट?
क्योंकि यह सिंगल कॉन्सेप्ट नहीं, बल्कि 5 सबसे पावरफुल ICT टूल्स का परफेक्ट कोंफ्लुएंस है। जब आप इस मॉडल को पूरी तरह मास्टर कर लेंगे, तो आपको फिर कभी:
- रिवेंज ट्रेडिंग करने की जरूरत नहीं पड़ेगी
- 30-40% विन रेट पर संतुष्ट नहीं होना पड़ेगा
- मार्केट के नॉइज़ में फंसना नहीं पड़ेगा
यह मॉडल सच में प्रोफेशनल्स का हथियार है। बुकमार्क करें, प्रिंट करें, रोज़ प्रैक्टिस करें। इस मॉडल को सबसे अच्छे से यूज करेगा, वही सबसे ज्यादा प्रॉफिट कमाएगा। कमेंट में बताएं - आपका फेवरेट ICT मॉडल कौन सा है?




