ICT मॉडल 2: HTF POI + MSS + IDM + FVG का सटीक इस्तेमाल सीखें और हाई प्रोबेबिलिटी स्मार्ट मनी ट्रेड सेटअप पाएं।
ICT मॉडल 2 क्या है?
ICT मॉडल 2 स्मार्ट मनी कॉन्सेप्ट्स (SMC) का एक शक्तिशाली और व्यावहारिक संयोजन है। इसमें चार मुख्य तत्व मिलकर काम करते हैं: हायर टाइमफ्रेम पॉइंट ऑफ़ इंटरेस्ट (HTF POI), मार्केट स्ट्रक्चर शिफ्ट (MSS) विद डिस्प्लेसमेंट, इंटरनल लिक्विडिटी (IDM), और फेयर वैल्यू गैप (FVG)। यह मॉडल आपको दिखाता है कि स्मार्ट मनी (बड़े संस्थागत निवेशक) कहाँ रिटेल ट्रेडर्स को ट्रैप कर रही है और असली बाजार मूवमेंट कहाँ से शुरू होगा। यह जटिल नहीं है, बल्कि एक स्पष्ट रोडमैप है जो सही तरीके से फॉलो करने पर 80% से ज्यादा जीत दर दे सकता है।
यहाँ ICT मॉडल 2 का पूरा स्ट्रक्चर दिखाने वाला एक चार्ट है:
ICT मॉडल 2 के 6 स्टेप (सटीक क्रम में)
स्टेप 1: HTF POI ढूंढें (मूल आधार)
सबसे पहले वीकली या डेली टाइमफ्रेम पर जाएं और मजबूत POI (पॉइंट ऑफ़ इंटरेस्ट) मार्क करें। इसमें शामिल हैं:
- बुलिश या बेयरिश ऑर्डर ब्लॉक
- पुराना FVG जो अभी तक भरा नहीं गया
- प्रमुख लिक्विडिटी पूल (पिछले महीने का हाई/लो)
यह वो जगहें हैं जहाँ स्मार्ट मनी सबसे ज्यादा रुचि रखती है।
स्टेप 2: लिक्विडिटी ग्रैब का इंतजार करें
कीमत HTF POI की ओर आने से पहले हमेशा आउटर लिक्विडिटी को "ग्रैब" या स्वीप करती है। इसमें शामिल हैं:
- Equal Highs या Equal Lows
- पिछला सप्ताह/महीना हाई-लो
- Stop Hunt (जिसे हिंदी में "झूठा ब्रेकआउट" कहते हैं)
यहाँ रिटेल ट्रेडर्स फंसते हैं, और स्मार्ट मनी अपनी पोजीशन बनाती है।
यहाँ लिक्विडिटी ग्रैब और स्टॉप हंट का उदाहरण चार्ट है:
स्टेप 3: MSS + डिस्प्लेसमेंट कन्फर्मेशन
लिक्विडिटी ग्रैब के तुरंत बाद मार्केट स्ट्रक्चर शिफ्ट (MSS) होना चाहिए, और वो भी मजबूत डिस्प्लेसमेंट (तेज मूवमेंट) के साथ। देखने वाली चीजें:
- इंटरनल हाई/लो का क्लियर ब्रेक
- एक ही दिशा में 3-5 बड़े इंपल्सिव कैंडल
- कैंडल बॉडी में गैप (यहाँ FVG का जन्म होता है)
अगर डिस्प्लेसमेंट कमजोर है, तो यह फेक MSS हो सकता है, यानी ट्रैप।
स्टेप 4: IDM (इंटरनल लिक्विडिटी) मार्क करें
MSS के बाद बनने वाले छोटे Equal Highs/Lows या कंसोलिडेशन एरिया को IDM कहते हैं। यह वो जगह है जहाँ कीमत वापस आकर "आराम" करती है और फिर असली मूवमेंट शुरू करती है।
स्टेप 5: FVG का जन्म और मार्किंग
MSS बनाने वाली इंपल्सिव मूवमेंट में 3-कैंडल गैप बनता है – यही प्राइमरी FVG है। यह हाई प्रोबेबिलिटी एंट्री जोन होता है।
यहाँ FVG कैसे बनता है, इसका हिंदी एक्सप्लेनेशन चार्ट:
स्टेप 6: परफेक्ट एंट्री (कॉनफ्लुएंस पॉइंट)
सबसे मजबूत एंट्री तब मिलती है जब कीमत वापस आती है और FVG, IDM, तथा HTF POI का 50%-61.8% एरिया ओवरलैप करता है। यह "गोल्डन ज़ोन" है।
- एंट्री यहाँ लें
- स्टॉप लॉस: लिक्विडिटी ग्रैब के नीचे/ऊपर
- टारगेट: अगला HTF लिक्विडिटी पूल रिस्क-रिवॉर्ड रेशियो आसानी से 1:5 से 1:15 तक मिल सकता है।
सबसे बड़ी गलती जो 95% ट्रेडर्स करते हैं
FVG बनते ही तुरंत एंट्री ले लेना। नहीं! इंतजार करें जब तक कीमत FVG + IDM में वापस न आए। यही धैर्य आपको 30-40% से 80%+ विन रेट तक ले जाता है।
प्रैक्टिकल उदाहरण (EURUSD – मार्च 2024)
- HTF POI: वीकली ऑर्डर ब्लॉक 1.0690
- लिक्विडिटी ग्रैब: 1.0640 (पिछला महीना लो)
- MSS + FVG: 1.0720-1.0750
- IDM: 1.0780 पर Equal Highs
- कीमत वापस 1.0740 (FVG+IDM ओवरलैप) पर आई → एंट्री
- टारगेट: 1.0980 (अगला मंथली हाई) → 240 पिप्स प्रॉफिट
अंतिम शब्द
ICT मॉडल 2 कोई जादुई तरीका नहीं है, लेकिन SMC का सबसे स्पष्ट और हाई प्रोबेबिलिटी मॉडल है। इन 6 स्टेप्स को सही से फॉलो करें। याद रखें: स्मार्ट मनी पहले रिटेल को ट्रैप करती है, फिर असली मूव चलाती है। ICT मॉडल 2 आपको ट्रैप और असली मूव की पहचान सिखाता है। इसे बुकमार्क करें, प्रिंट करें, और रोज़ चार्ट पर लागू करें। 3 महीने बाद आपका ट्रेडिंग बदल जाएगा।


