ICT ट्रेडिंग में डेली बायस और किल ज़ोन को आसानी से समझें। बुलिश-बेयरिश बायस कैसे तय करें और हाई प्रोबेबिलिटी किल ज़ोन में ट्रेड करें
ICT ट्रेडिंग में डेली बायस क्या है और इसे क्यों जानना ज़रूरी है?
डेली बायस आपका वह दिशात्मक कम्पास है जो बताता है कि आज या कल मार्केट में ऊपर जाने की संभावना ज़्यादा है या नीचे। स्मार्ट मनी कभी रैंडमली ट्रेड नहीं करती – वो पहले दिशा तय करती है, फिर उसी दिशा में लिक्विडिटी ग्रैब करके डिलीवरी देती है। डेली बायस आपको यही दिशा बताता है।
TTrades Daily Bias [TFO] — Indicator by tradeforopp — TradingView
डेली बायस तय करने का सबसे आसान और सटीक तरीका (ICT स्टाइल)
सिर्फ दो चीजें देखनी हैं:
1. पिछले दिन के हाई/लो से तुलना
- अगर आज की डेली कैंडल पिछले दिन के हाई से ऊपर बंद होती है → स्ट्रॉन्ग बुलिश बायस
- अगर आज की कैंडल पिछले दिन के लो से नीचे बंद होती है → स्ट्रॉन्ग बेयरिश बायस
2. विक की पोजीशन और क्लोज (सबसे पावरफुल संकेत)
- विक नीचे गया (सेल साइड लिक्विडिटी ली) लेकिन क्लोज पिछले लो से ऊपर → बुलिश बायस (लिक्विडिटी ग्रैब + रिवर्सल)
- विक ऊपर गया (बाय साइड लिक्विडिटी ली) लेकिन क्लोज पिछले हाई से नीचे → बेयरिश बायस (ट्रैप + रिवर्सल)
ये दोनों संकेत मिल जाएं तो अगले दिन की दिशा 80-85% सही रहती है।
किल ज़ोन: वो जादुई समय जब स्मार्ट मनी सबसे ज़्यादा सक्रिय होती है
स्मार्ट मनी पूरे दिन ट्रेड नहीं करती। वो सिर्फ़ चुनिंदा समय पर बड़े-बड़े ऑर्डर डालती है – इन्हीं समय को ICT में किल ज़ोन कहते हैं।
यही वो समय है जब:
- लिक्विडिटी ग्रैब होती है
- ऑर्डर ब्लॉक से रिएक्शन मिलता है
- FVG भरते हैं
- मार्केट स्ट्रक्चर ब्रेक होता है
ICT Killzones: The Best Timeframes for Day Trading in?
फॉरेक्स के लिए किल ज़ोन (EST - Eastern Standard Time)
- लंदन किल ज़ोन → 2:00 AM – 5:00 AM → सबसे ज़्यादा मूवमेंट यहीं से शुरू होता है → एशियन रेंज की लिक्विडिटी ग्रैब होती है
- न्यूयॉर्क AM किल ज़ोन → 7:00 AM – 10:00 AM (सबसे पावरफुल) → लंदन + NY ओवरलैप → यहीं असली डिलीवरी होती है → 70% बड़े मूव यहीं से आते हैं
- लंदन क्लोज किल ज़ोन → 10:00 AM – 12:00 PM → प्रॉफिट बुकिंग और रिवर्सल का समय → ट्रेड मैनेजमेंट के लिए बेस्ट
इंडेक्स (ES/NQ) के लिए किल ज़ोन
- न्यूयॉर्क ओपन किल ज़ोन → 8:30 AM – 11:00 AM EST (9:30 AM कैश ओपन सबसे महत्वपूर्ण)
- लंदन का प्रभाव कम होता है, लेकिन 2-5 AM में भी कभी-कभी अच्छे सेटअप मिलते हैं
प्रैक्टिकल ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी (2025 वर्जन)
सबसे हाई प्रोबेबिलिटी ट्रेड:
- डेली बायस चेक करो (बुलिश है या बेयरिश)
- किल ज़ोन का इंतज़ार करो (खासकर NY AM 7-10 बजे)
- उसी दिशा में लिक्विडिटी ग्रैब होने का इंतज़ार करो
- ऑर्डर ब्लॉक या FVG से एंट्री लो
उदाहरण: अगर डेली बायस बुलिश है → NY AM किल ज़ोन में अगर कीमत एशियन लो या पिछले दिन के लो को स्वीप करती है और ऊपर रिएक्ट करती है → लॉन्ग एंट्री।
अंतिम बात
डेली बायस = दिशा किल ज़ोन = सही समय दोनों मिल गए = हाई प्रोबेबिलिटी ट्रेड
जो ट्रेडर ये दोनों चीजें रोज़ चेक करते हैं, वो बाकियों से 10 कदम आगे रहते हैं।
बस याद रखो – डेली बायस 100% गारंटी नहीं देता, लेकिन यह आपको सही साइड पर रखता है। और किल ज़ोन में ट्रेड करने से आपका विन रेट अपने आप 20-30% बढ़ जाता है।
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